Wednesday, September 30, 2009

हमने रोना छोड़ दिया


एक ज़माना बीत गया,
हमने उन गलियों से गुज़रना छोड़ दिया,
जिन गलियों में हमने अपनी शामें बितायीं,
तुम्हारा इंतज़ार करते हुए,
एक ज़माना बीत गया,
हमने वो वक्त याद करना छोड़ दिया,
जब तुम हमारे पहलू में थे,
हमें अपना हाल-ए-दिल सुनाते हुए,
एक ज़माना बीत गया,
हमने रोना छोड़ दिया,
जबसे तुम चले गए,
हमें छोड़ कर...

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