Saturday, January 9, 2010

तुम

मेरे जीवन के साज़ की आवाज़ हो तुम
मेरा आने वाला कल
और मेरा अपना आज हो तुम
जो मैं जानना भी न चाहूँ
ऐसा एक खोया हुआ राज़ हो तुम
मुट्ठी में बंद मेरी खुशियाँ
और आँखों में क़ैद
मेरे सपनो की परवाज़ हो तुम
जिसकी वजह से मुझे खुद पर भरोसा है
मेरे जीवन के हर पल में बसा
एक सुनहरा कल
और खूबसूरत आज हो तुम
मेरे जीवन के साज़ की आवाज़ हो तुम

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