साँसों कि ताल पर
जब गीत डगमगाने लगें
पलकों की कोर पर
जब सपने भीगे आने लगें
शब्दों की भीड़ में
जब सुर खोखले आने लगें
जीवन की सेज पर
जब हाथ कांटे सजाने लगें
तो समझना
मेरे दिल का एक कोना
तुम्हारे लिए मर गया
No comments:
Post a Comment